अंतत: यों राष्ट्रीय खेल दिवस घोषित हुआ 29 अगस्त

हमीरपुर के तत्कालीन सांसद और ध्यानचंद मैमोरियल सोसार्इटी, झाँसी के अध्यक्ष, डा0 पं0 विश्वनाथ शर्मा (डी.लिट) ने 24 अगस्त 1994 को लोकसभा में सरकार से दददा के जन्म दिवस, 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस घोषित करने की मांग की। इस पर तत्कालीन खेलमंत्री श्री मुकुल वासनिक ने इस प्रस्ताव की सराहना करते हुए, इस सम्बन्ध में औपचारिकतायें पूरी होते ही, 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस घोषित करने का आश्वासन दिया। 24 अगस्त 94 को सम्पन्न हुर्इ लोकसभा की कार्रवार्इ से तत्सबंधी चर्चा के अंश यहां प्रस्तुत हैं:-

डा0 पं0 विश्वनाथ शर्मा (हमीरपुर): अध्यक्ष महोदय, जून-जुलार्इ से विश्व फुटबाल कप का आयोजन किया गया, जिसमें विश्व के कर्इ देशों ने भाग लिया और इसमें भी ऐसे 2-3 खिलाडि़यों का नाम लिखा गया, जिनकी तुलना फुटबाल के महान खिलाड़ी पेले और माराडोना से से की गर्इ।
अध्यक्ष जी मैं ध्यानचंद मैमोरियल सोसायटी का अध्यक्ष हूं और मैं झाँसी का रहने वाला हूं, और वहां पर उनके नाम का खेल स्टेडियम बनाया हुआ।
अब आगामी 29 अगस्त को स्व. ध्यानचंद जी का जन्म दिवस आने वाला है और न केवल उस दिन को स्पोर्टस डे घोषित किया जाना चाहिए बलिक एक सप्ताह के लिए स्पोर्टस वीक मनाया जाना चाहिए, जैसे रेल सप्ताह अथवा यातायात सप्ताह मनाया जाता है।
मुझे खेल मंत्रालय का 16 अगस्त का एक कागज मिला है जिससे युवकों के लिए मंत्रालय बहुत कुछ कर रहा है। मुझे विश्वास है कि 29 अगस्त को 'स्पोर्टस-डे मनाये जाने से हमारे देश के खिलाड़ी युवकों और युवतियों को प्रोत्साहन मिलेगा, यदि हमारे देश में पैदा हुए ऐसे खिलाडि़यों की स्मृति में कुछ कार्यक्रम चालाये जायेंगे।
अध्यक्ष महोदय, हाकी हमारे देश के लिए ग्लोरी आफ हाकी रहा। जिसमें निरन्तर कर्इ वर्षो तक विश्व चैंपियन रहे हैं तो इस उपलक्ष्य में एक एक म्यूजियम बनाया जाना चाहिए। देश में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, सड़कों का नामकरण करना चाहिए। मैं प्रधानमंत्री जी को इस बात के लिए धन्यवाद देना चाहूंगा कि नेशनल स्टेडियम के बाहर उनका स्टेचू लगाया जाना है। अध्यक्ष महोदय क्या खेल मंत्री कुछ बोलना चाहेंगे ?

The Minister of State in The Ministry Human Resource Development (Department of Youth Affairs and Sports) and Minister of State in the Ministry of Parliamentary Affairs (Shri Mukul Wasnik): Sir, this is a very good suggestion which Vishwanath Sharma Ji has made, the 29th of August, the birth anniversary of the legendary Hockey Player, Sri. Dhyan Chand, should be observed and celebrated as the ‘Sports Day’ . We are favourable considering this proposal. Unfortunately, the period left short. But we are working out the modelities so that even in we are not able to celebrate this day this year in a befitting manner, every year on 29th of Agust, we shall celebrate this day as the ‘Sports Day’.

            So that events can be organised as well as awards for the preceding year for outstanding sportsperson can also be presented on this day.

श्री वीरेन्द्र सिंह (मिर्जापुर)- आप अभी डिक्लेयर कर दीजिए।

अध्यक्ष महोदय: देखिए ऐसे प्रश्न पर उनको सोचकर निर्णय करने दीजिए। अगर कुछ होना हो तो अच्छी तरह से होना चाहिए।
बाद में सितम्बर 1994 में तत्कालीन, प्रधानमंत्री, श्री पी.वी. नरसिंह राव की सरकार ने 29 अगस्त को विधिवत, राष्ट्रीय खेल दिवस घोषित कर दिया। माननीय प्रधानमंत्री श्री पी.वी.नरसिंह राव ने भारतीय हाकी संघ के मुख्यालय, नेशनल स्टेडियम में दददा ध्यानचंद की 8 फुट ऊँची  अष्टधातु की प्रतिमा का अनावरण कर इनिदरा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय स्वर्ण कप हाकी चैंपियनशिप के पुरस्कारों का वितरण किया। इस अवसर पर उन्होंने श्रीमती जानकी ध्यानचंद को सम्मानित किया और               डा0 पं0 विश्वनाथ शर्मा द्वारा झाँसी के चित्रकार से बनवाया गया दददा ध्यानचंद का विशाल तैल चित्र भी स्वीकार किया।
उसी दिन रात्रि में राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति महोदय द्वारा देश के सभी पूर्व ओलमिपक खिलाडि़यों एवं पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया गया, जिनमें 1926 के न्यूजीलैण्ड दौरे के टीम मैनेजर श्री वर्मा तथा 1936 बर्लिन ओलमिपक की टीम के व्यवस्थापक श्री जगन्नाथ स्वामी विशेष रूप से उपसिथत थे।