ऐसे होगा बुन्देली धरा का उद्धार

झाँसी। डाॅ0 पं0 विश्वनाथ शर्मा -पूर्व सांसद (संस्थापक अध्यक्ष-बुन्देलखण्ड एकीकरण समिति) ने विगत दिनों अपने दिल्ली प्रवास पर बुन्देलखण्ड के विकास के संदर्भ में केन्द्रीय मंत्री माननीय नितिन गड़करी जी व सुश्री उमा भारती जी से भेंट की। गड़करी जी से मिलकर झाँसी होकर जा रहे फोर लेन तथा रिंग रोड्स के रूके निर्माण कार्यो का तत्वरित गति से कराने तथा झाँसी -खजुराहो राष्ट्रीय राज मार्ग को शीघ्र पूरा कराने हेतु आश्वस्त किया है। माननीय उमा जी का ध्यान बुन्देलखण्ड के गिरते जल स्तर की ओर आकर्षित करते हुए आग्रह किया कि नालों पर चैक डैमों का निर्माण इसके लिए कारगर उपाय है हमने अपने फार्म पर चैक डैम बनवाया है और अपने पहले संसदीय कार्यकाल (1981-84) में झाँसी जनपद के कोलवा व सिमराहा में चैक डैम के प्रस्ताव देकर बनवाये थे। बरसात के पानी को चैक डैम बरबाद होने से बचाता है और जल के भराव क्षेत्र में फसलें कर लेते हैं। बुन्देलखण्ड के नालों पर जगह-जगह चैक डैम बनाने हेतु एक वृहद योजना तैयार कराकर इस कार्य को कराने पर बल दिया।

चैक डैमों के निम्न विशेष लाभ है:-

1. नदियों की बाढ़ रूकेगी-छोटे नाले ही बड़े होकर छोटी नदी बनते हैं।

2. भूमि का कटाव रूकेगा।

3. भूगर्भ का जल स्तर बढ़ेगा।

4. नाले के किनारे के पेड़ों को पानी मिलेगा।

5. छोटे खेतों के लिए पम्प से पानी ले सकते हैं।

6. चूंकि नाले पर छोटे-छोटे सैकड़ों चैक डैम बनेंगे तो कुछ समय बाद नाला बारह मासी हो जायेगा।

7. बुन्देलखण्ड के लिए यह योजना सर्वोत्तम है - चूंकि छोटे पहाड़ी एवं पठारी क्षेत्र होने के कारण यहां अनगिनत भूमि कटाव होता है ये चैक डैम धीरे-धीरे बरसात की मिट्टी से पुरते जायेंगे जैसे पारीछा-सुकवा ढुकवा डैम इनकी गार बुन्देलखण्ड की राकड़ मिट्टी के लिए अमृत है। एक मात्र इलाज।

प्रधानमंत्री श्री मोदी जी की सफलता भी चैक डैम से ही प्रारम्भ हुई थी। अब से पहले मोदी जी ने लाखों चैक डैम के माध्यम से जल संचित किया फिर किसानों को बिजली उपलब्ध करायी। वम्पर के बाद वम्पर फसलों ने (तिलहन, कपास, गल्ला) किसानों के घर भर दिए और किसानों की खरीद दारी से खाना-कपड़े-बर्तन-जूते-सीमेंट-लोहा आदि उद्योगों ने गुजरात को नम्बर एक राज्य कर दिया। फिर शिक्षा मंदिर भी खुल गये, अस्पताल, सड़कें आदि। 

- डाॅ0 पं0 विश्वनाथ शर्मा