बुन्देलखण्ड राज्य निर्माण के लाभ

आइये हम सभी इस महान प्रयास का हिस्सा बने और बुन्देलखण्ड राज्य के गठन की शपथ लें -

बुन्देलखण्ड निर्माण के बाद वे सभी सुविधायें जो अभी तक बहुत दूर रही है और जिनसे बुन्देलखण्ड की सीमा अभी तक अछूती रही है। वे अब छोटे शहरों एवं कस्बों की पहुंच के अन्दर होंगी। इन सुविधाओं में केन्द्रीय बजट में राज्य को मिलने वाले पैकेज हैं। आईआईटी, आईआईएम, चिकित्सा तकनीकी और उच्च शिक्षा केन्द्र, मंत्रियों के सचिवालय, जनसेवा आयोग, निदेशालय, शिक्षा निदेशालय, उच्च न्यायालय, वाणिज्य कर, श्रम न्यायालय एवंं अन्य प्रशासनिक विभागों के कार्यालय भी शामिल है। ये सभी सीधे तौर से इस क्षेत्र के लोगों को लाभानिवत करेंगे।
 
बुंदेलखंड की राजनीतिक और प्रशासनिक नेतृत्व इस क्षेत्र के एक सर्वांगीण विकास में परिणाम होगा जो अपने ही लोगों के हाथों में होगा। इस क्षेत्र का विकास और यहां के लोगों के जीवन स्तर को बढ़ाने के लिए, बुंदेलखंड राज्य के गठन के लिए करना चाहिए।
 
कुछ बड़े लाभ
 
• राज्य सरकार की स्टैम्प डयूटी, रजिस्ट्री आदि के रूप में दिया जाने वाला राजस्व जोकि करोड़़ों में होता है, हमें ही प्राप्त होगा और उसका उपयोग बुन्देलखण्ड क्षेत्र के विकास में होगा।
• जो भी कार्य बुन्देलखण्ड के मुख्यमंत्री व मंत्रियों  द्वारा किया जायेगा, इस क्षेत्र के विकास से सम्बद्ध होगा।
• बुन्देलखण्ड की 30 नदियों पर बांध बनाये जायेंगे और उत्पादन बढ़ेगा चूंकि हमारे पास पर्याप्त भूमि है जिस पर उधोग स्थापित किये जायेंगे। बड़े उधोगपति अपने उधोग स्थापित करने यहां आयेंगे। इस प्रकार युवा वर्ग काम की तलाश में दिल्ली, बंबई जैसे बड़े शहरों व गुजरात की ओर पलायन नहीं करेगा।
• उत्पादन इकाईयों की स्थापना बाबुओं, अधिकारियों एवं इंजीनियरों और तो और मजदूरों के लिए भी रिकितयां निर्मित करेगी।
• स्कूलों को मान्यता प्रदान करने वाली संस्था बुन्देलखण्ड की होगी, जिससे मान्यता पर्याप्त संख्या में स्कूलों व कालेजों को प्रदान की जायेगी।
• प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा बोर्ड के कार्यालय बुन्देलखण्ड में होंगे और इस प्रकार वे बुन्देलखण्ड के शिक्षित बेरोजगारों के लिए रिकितयों का निर्माण करेंगे।
• इलाहाबाद के स्थान पर उच्च न्यायालय बुन्देलखण्ड में होगा। यह शहर के वकीलों एवं माननीय न्यायाधीशों के साथ-साथ हजारों बाबुओं, चपरासियों आदि को रोजगार उपलब्ध करायेंगा।
• बार काउंसिल उ0प्र0 के स्थान पर बुन्देलखण्ड में होगा।
• बुन्देलखण्ड के छात्र जो प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेते है वे उन प्रतियोगियों के प्रभाव से मुक्त होंगे जो राजनीतिक सम्बन्ध, धन-बल व उच्च शिक्षा रखते हैं।
• बुन्देलखण्ड में सी0पी0एम0टी0होने पर हमाारे बच्चों को डाक्टर बनने के अवसर उपलब्ध होंगे।
• सिचाई  योजना भी रोजगार उपलब्ध करायेंगी, जहां हजारों एकड़ असमतल भूमि को समतल बनाकर कृषि उपयोग में लाया जायेगा।
• कृषि, खनन एवं सिचाई विभाग भी स्थानीय होंगे।
• छोटे जिले होने पर अधिक कार्यालय, अधिक संसद सदस्य, अधिक रिकितयां, और इसलिए यहां पर रोजगार के अधिक अवसर होंगे।
• प्रशासनिक कैडर होने के कारण यहाँ के भारतीय व प्रान्तीय स्तर के अधिकारी बुन्देलखण्ड में ही स्थानान्तरित होते रहेंगे। बाहर के जिलों में नहीं जायेंगे।
• स्कूलों व कालेजों की संख्या बढ़ेगी और हमारा अपना कुलपति होगा। चपरासी से लेकर प्राध्यापकों के पदों पर बुन्देलखण्ड के लोग नियुक्त होंगे।
• पुलिस व आबकारी विभाग के सिपाही व बाबू अपने बुन्देलखण्ड से ही चुने जायेंगे।
• तकनीकी शिक्षा संस्थान, मेडीकल कालेज, शिक्षा संस्थाएं, औधोगिक - शैक्षिक केन्द्र और इंजीनियरिंग कालेज बुन्देलखण्ड क्षेत्र में स्थापित होंगे,  उनका आधारभूत ढांचा और कर्मचारी बुन्देलखण्ड से होंगे।
• वे कर्मचारी जो कम वेतन पाते हैं उन्हें उनके अपने क्षेत्रों में स्थानान्तरित किया जायेगा।
• हर क्षेत्र को सिचाई  - जल, हर युवा को रोजगार देकर बुन्देलखण्ड देश के समक्ष एक उदाहरण प्रस्तुत करेगा।
• बिजली की कोई भी अनियमित कटौती नहीं होगी। पर्याप्त जल विधुत अपने सयंन्त्रों द्वारा पैदा की जायेगी जो बुन्देलखण्ड के लोगों को रोजगार देगी।
• सम्मानपूर्ण कार्य और सम्मानपूर्ण वेतन की नीति अपनायी जायेगी।
• अर्धसरकारी कर्मचारियों के लिए पेन्शन योजना बनायी जायेगी।
• खेतिहर मजदूरों और दिहाड़ी मजदूरों - को निम्नतम मजदूरी अधिनियम के आधार पर मजदूरी दी जायेगी।
• वृद्ध किसानों के पुराने बैंक कर्ज माफ किये जायेंगे, उन्हें नए बैंक कर्ज दिये जायेंगे ताकि वे अपने जीवन स्तर को सुधार सकें।